दुर्गा पाठ
दुर्गा सप्तशती का पाठ मां दुर्गा को पूरी तरह से समर्पित है, जिसमें यह बताया गया है कि किस तरह से मां ने देवों और संसार की रक्षा के लिए भयंकर से भयंकर राक्षसों का वध किया था।
दुर्गा पाठ
सप्तशती में मां दुर्गा की आराधना करने के लिए 13 अध्याय में 70 मंत्रों का उल्लेख किया गया है, कहा जाता है कि नवरात्र के समय दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से जीवन की सारी समस्याएं दूर हो जाती है | पौराणिक कथाओं के अनुसार देवताओं को भगाकर महिषासुर ने स्वर्ग पर कब्जा कर लिया था। तभी तीनों देव ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने अपनी सभी उर्जाओं को मिलकर एक आकृति बनाई। जिसमें सभी देवताओं ने भी अपनी शक्तियां डाली ,इसलिए मां दुर्गा को “शक्ति” भी कहा जाता है। माना जाता है कि देवी दुर्गा का जन्म संसार से सभी तरह की बुराइयों को खत्म करने के लिए हुआ। जब संसार में अत्याचार बहुत बढ़ने लगेगा। तब- तब देवी दुर्गा अलग-अलग रूप में उस अत्याचार को खत्म करने आती रहेंगी। दुर्गा सप्तशती का पाठ करने वाले भक्तों पर माता की असीम कृपा होती है। ऐसे भक्तों की रक्षा मां स्वंय करती है।
मां दुर्गा मंत्र
ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते!!
दुर्गा सप्तशती का महत्व
“दुर्गा सप्तशती” का महत्व हिन्दू धर्म में बहुत अध्यात्मिक महत्वपूर्ण है, और इसे माँ दुर्गा की महिमा और शक्ति के प्रति भक्ति की भावना के साथ जोड़ा जाता है। “सप्तशती” शब्द से यह भीतर में 700 (सप्तशती) श्लोकों का संग्रह है जो मार्कण्डेय पुराण में हैं और माँ दुर्गा की एक महाकाव्य रूप कविता हैं। “दुर्गा सप्तशती” से भक्त को दुर्गा माँ के साथ अभिन्नता का अहसास होता है और वह उनके शक्तिशाली स्वरूप को अपनाने का प्रयास करता है। यह एक पूर्ण आध्यात्मिक साधना है जो भक्त को आत्मा के साथ संबंध स्थापित करने में मदद करती है और उसे जीवन के सभी क्षेत्रों में समृद्धि और शांति की प्राप्ति में सहायक होती है।
दुर्गा सप्तशती लाभ
- दुर्गा सप्तशती के 12वें अध्याय को “पहला श्रुति” कहा जाता है, जो इस पवित्र ग्रंथ के पाठ करने के लाभों पर चर्चा करता है, जैसा कि देवी ने देवताओं को खुद बताया।
- पाठ करने के स्थान पर देवी के प्रत्यक्ष साक्षात्कार का प्रकट होना सभी संघर्षों का समाप्त होना|
- आपदाओं की रोकथाम एवं दरिद्रता का निवारण
- शत्रुओं, अग्नि और बाढ़ से सुरक्षा, ग्रहों के प्रभाव से सुरक्षा एवं भूत-प्रेतों से सुरक्षा
- धन, अनाज और संतान की प्रदान करने की क्षमता।
